पहला स्पर्श

उस शाम शहर सो रहा था। बारिश की पहली बूँदें खिड़की पर टपकने लगीं — टप… टप… टप… जैसे कोई अनजान उँगली धीरे-धीरे दरवाजा खटखटा रही हो। रिया अकेली थी। उसने लाल रंग की सिल्क की साड़ी पहनी थी — पतली, चिपकने वाली, जो उसके बदन की हर लकीर को उभारा देती थी। उसकी आँखें … Read more

चाँदनी रात, सरकती नाइटी!

जून की रात, हवा भी जैसे आग उगल रही हो। बिजली कटी हुई थी, पंखा रुका हुआ। मैं बिस्तर पर नंगा लेटा था, लंड आधा खड़ा – बस यूं ही हवा से। अचानक दरवाजे पर हल्की-सी खटखट। खोला तो सामने रीना भाभी। वो एक पतली, लगभग पारदर्शी सफेद नाइटी में थीं। नाइटी इतनी पतली कि … Read more