पहला स्पर्श
उस शाम शहर सो रहा था। बारिश की पहली बूँदें खिड़की पर टपकने लगीं — टप… टप… टप… जैसे कोई अनजान उँगली धीरे-धीरे दरवाजा खटखटा रही हो। रिया अकेली थी। उसने लाल रंग की सिल्क की साड़ी पहनी थी — पतली, चिपकने वाली, जो उसके बदन की हर लकीर को उभारा देती थी। उसकी आँखें … Read more